ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिखा ममता बनर्जी को कड़ा पत्र प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल ईश्वर की अनुपम कृति हैं महिलाएं : उप मुख्यमंत्री अरुण साव 4.24 करोड़ के विज्ञापन पर घमासान, भूपेश सरकार के फैसले की जांच के संकेत
छत्तीसगढ़दुर्ग

शासकीय चिकित्सक की नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख की ठगी, सिटी कोतवाली दुर्ग ने आरोपी को दबोचा

दुर्ग |  शासकीय चिकित्सक के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में थाना सिटी कोतवाली दुर्ग पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 29.08.2025 को प्रार्थी सचिन मालगी, पिता स्व. कम्पन्ना आर. मालगी, उम्र 43 वर्ष, निवासी कदम कैपिटल टाउन, अंजोरा (थाना पुलगांव, जिला दुर्ग) ने थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन में बताया गया कि विकास चंद्राकर नामक व्यक्ति ने उसे शासकीय चिकित्सक के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर कुल 20 लाख रुपये प्राप्त किए, लेकिन न तो नौकरी लगवाई गई और न ही पूरी रकम वापस की गई।

मामले की प्रथम दृष्टया जांच में अपराध धारा 420 भादवि (धोखाधड़ी) का पाया जाने पर थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में अपराध क्रमांक 411/2025 धारा 420 भादवि के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

विवेचना के दौरान आरोपी विकास चंद्राकर की लगातार पतासाजी की जा रही थी। सूचना मिलने पर आरोपी को तलब कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपने मेमोरेंडम कथन में स्वीकार किया कि मई 2023 में उसने प्रार्थी से डॉक्टर की नौकरी लगाने के नाम पर 20 लाख रुपये लिए थे। नौकरी नहीं लग पाने पर आरोपी द्वारा विभिन्न किश्तों में 8 लाख रुपये प्रार्थी सचिन मालगी एवं उसकी पत्नी कीर्ति पटानी के खाते में वापस किए गए थे। शेष 13 लाख रुपये लौटाने के लिए आरोपी ने भारतीय स्टेट बैंक के अपने खाते के दो चेक (5 लाख एवं 8 लाख रुपये) दिए थे।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने चेक भुगतान की नियत न रखते हुए अपने खाते में पे-ऑप्शन सक्रिय नहीं कराया था, जिससे स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी का कृत्य प्रमाणित हुआ।

उक्त तथ्यों के आधार पर आरोपी का कृत्य धारा सदर का अपराध पाए जाने से उसके विरुद्ध अभिरक्षा पत्र तैयार कर विधिवत वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विवेचना जारी है।

आरोपी का नाम व पता :
विकास चंद्राकर,
पिता – गिरधारी लाल चंद्राकर,
उम्र – 39 वर्ष,
निवासी – मकान नंबर 01, विवेक मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल, त्रिमूर्ति कॉलोनी के पास,
जिला – महासमुंद (छ.ग.)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button